1. चाशनी के लिए एक बर्तन में चीनी और पानी उबालें, इलायची और केसर डालें और 5 मिनट पकाएँ, जब तक थोड़ी चिपचिपी न हो जाए (तार की चाशनी तक न पहुँचें)। आँच से हटाएँ, गुलाब जल मिलाएँ और गरम रखें।
2. एक कटोरे में मिल्क पाउडर और मैदा मिलाएँ, पिघला घी डालें और उँगलियों के पोरों से मसलें। धीरे-धीरे ज़रूरत भर दूध डालें, ताकि नरम और हल्का चिपचिपा आटा बने: गूँधने की ज़रूरत नहीं, बस इकट्ठा करें।
3. तेल लगे हाथों से लगभग 2,5 सेमी की 18 छोटी गोलियाँ बनाएँ। गोलियाँ पूरी तरह चिकनी, बिना दरारों की होनी चाहिए; वरना तलते समय टूट जाएँगी।
4. एक छोटी, गहरी कड़ाही में तेल धीमी आँच पर गरम करें: यह बहुत गरम नहीं होना चाहिए। गोलियाँ डालें और धीरे-धीरे तलें, कड़ाही सावधानी से हिलाते हुए या चम्मच से उन पर तेल डालते हुए, 8–10 मिनट, जब तक एक जैसा गहरा सुनहरा रंग न आ जाए।
5. निथारें और गरम गोलियाँ तुरंत गुनगुनी चाशनी में डालें। कम से कम 1–2 घंटे भीगने दें, जब तक रस से भर न जाएँ और लगभग दोगुनी न हो जाएँ।
6. गुनगुने या कमरे के तापमान पर, थोड़ी चाशनी के साथ परोसें; वैनिला आइसक्रीम के साथ भी बढ़िया लगते हैं।
सुझाव: यह भारत की सबसे प्यारी त्योहारी मिठाइयों में से एक है, दिवाली से शादियों तक लगभग हर जश्न में मौजूद। राज़ है धीरे-धीरे तलना: बहुत गरम तेल में ये बाहर से सुनहरे हो जाते हैं, पर अंदर से कच्चे रहते हैं और चाशनी भी नहीं सोखते। गुलाब जल न मिले, तो थोड़ी ज़्यादा इलायची भी सुंदर ख़ुशबू देती है।
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