1. एक छलनी में मलमल की दोहरी परत या पतला, साफ़ किचन टॉवल बिछाएँ, एक कटोरे पर रखें और उसमें दही डालें। कपड़े के कोने इकट्ठा करें और 6–8 घंटे या पूरी रात फ़्रिज में पानी निकलने दें, जब तक दही गाढ़ा, क्रीम चीज़ जैसा न हो जाए (लगभग 450 ग्राम बचता है)।
2. केसर को 1 बड़े चम्मच गुनगुने पानी में 10 मिनट भिगोएँ। पिस्ते बारीक काटें।
3. निथरा दही एक कटोरे में रखें और व्हिस्क या स्पैचुला से चिकना होने तक फेंटें। ज़्यादा रेशमी बनावट के लिए इसे छलनी से भी छान सकते हैं।
4. आइसिंग शुगर, पानी समेत केसर और इलायची डालें और तब तक चलाएँ, जब तक चीनी पूरी तरह घुल न जाए और क्रीम का रंग एक जैसा हल्का पीला न हो जाए।
5. ज़्यादातर पिस्ते मिलाएँ, क्रीम छोटी कटोरियों या गिलासों में बाँटें और कम से कम 1 घंटा फ़्रिज में रखें।
6. ठंडा, बचे पिस्ते छिड़ककर परोसें: सादा या, जैसा गुजरात और महाराष्ट्र में रिवाज है, गरम पूरी के साथ।
सुझाव: श्रीखंड महाराष्ट्र और गुजरात की त्योहारी मिठाई है, ख़ासकर गुड़ी पड़वा के नववर्ष पर। नतीजा दही की गुणवत्ता पर निर्भर है: फ़ुल-क्रीम और ज़्यादा खट्टा न होने वाला दही सबसे मलाईदार श्रीखंड देता है। निकला पानी न फेंकें: वह रोटी के आटे या दाल में काम आता है।
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