1. चावल को और दूसरे कटोरे में उड़द दाल को मेथी दाने के साथ 6 घंटे ठंडे पानी में भिगोएँ।
2. उड़द दाल को ब्लेंडर में थोड़े ठंडे पानी के साथ बहुत हल्का, झागदार और हवादार घोल बनने तक पीसें: यही नरम इडली का राज़ है। चावल को अलग से पीसें, थोड़ा दरदरा रखते हुए (सूजी की तरह)।
3. दोनों घोलों को हाथ से मिलाएँ (हाथ की गर्मी ख़मीर उठने में मदद करती है), नमक डालें और ढककर गरम जगह पर पूरी रात 10–12 घंटे ख़मीर उठने दें, जब तक मात्रा लगभग दोगुनी न हो जाए।
4. इडली के साँचे (या चीनी मिट्टी की छोटी कटोरियों) पर हल्का तेल लगाएँ और घोल से तीन-चौथाई भरें, ध्यान रखें कि बुलबुले न फूटें।
5. उबलते पानी के ऊपर ढककर 10–12 मिनट भाप में पकाएँ, जब तक सींक साफ़ न निकले। 2 मिनट रखें और फिर गीले चम्मच से साँचे से निकालें।
6. बहुत गरम, सांभर और नारियल की चटनी के साथ परोसें।
सुझाव: यह दक्षिण भारत का पसंदीदा नाश्ता है: यह बिना तेल के भाप में बनती है, इसलिए हल्की और आसानी से पचने वाली है। इडली का साँचा न हो, तो स्टीमर में अंडे पकाने का स्टैंड या सिलिकॉन के छोटे मफ़िन साँचे काम आते हैं।
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