1. एक बड़े कटोरे में दही को बेसन, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर और नमक के साथ व्हिस्क से गुठलियाँ न रहने तक मिलाएँ और फिर धीरे-धीरे पानी डालें।
2. मिश्रण को एक बर्तन में लगातार चलाते हुए उबालें (इस तरह फटता नहीं) और फिर धीमी आँच पर, बीच-बीच में चलाते हुए, 25–30 मिनट पकाएँ, जब तक क्रीम जैसी गाढ़ी न हो जाए। चावल धोएँ, पानी से ढकें और ढककर धीमी आँच पर 15 मिनट पकाएँ।
3. पकौड़ों के लिए बेसन को पतले कटे प्याज़, कटी हरी मिर्च, नमक और ज़रूरत भर पानी के साथ मिलाकर गाढ़ा घोल बनाएँ।
4. एक छोटी, गहरी कड़ाही में तेल गरम करें और चम्मच भर घोल के पकौड़े 3–4 मिनट सुनहरा होने तक तलें। किचन पेपर पर निथारें और फिर पकौड़ों को कढ़ी में डालें और सब कुछ 5 मिनट साथ पकाएँ, ताकि वे कढ़ी सोख लें।
5. तड़के के लिए घी गरम करें, राई डालें और चटकने लगे तो जीरा, मेथी दाना, सूखी लाल मिर्च, करी पत्ते और हींग डालें। 20 सेकंड बाद मसालों समेत छनछनाता घी कढ़ी पर डालें।
6. कढ़ी को भाप छोड़ते बासमती चावल के साथ परोसें।
सुझाव: यह पंजाब में रविवार का सुकून देने वाला खाना है; खट्टी दही और नरम पकौड़ों की जोड़ी ठंडे दिनों में ख़ास अच्छी लगती है। आदर्श है कुछ दिन पुरानी, खट्टी होने लगी दही: इससे कढ़ी में ज़्यादा स्वाद आता है।
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