1. भाजी के लिए आलू छिलके समेत नरम होने तक उबालें, छीलें और हाथ से मोटा-मोटा मसल लें।
2. एक कड़ाही में बड़ा चम्मच तेल गरम करें, राई चटकाएँ और फिर हींग, कढ़ी पत्ते और चीरी हुई हरी मिर्च डालें। पतला कटा प्याज़ डालें और नरम होने तक 5 मिनट भूनें।
3. हल्दी, आलू, नमक और पानी डालें और चलाते हुए 5 मिनट पकाएँ, जब तक थोड़ा बँध न जाए और हल्का नम न रहे। गरम रखें।
4. पूरी के लिए आटे को नमक और केवल ज़रूरत भर पानी के साथ सख़्त और चिकना गूँधें (चपाती के आटे से सख़्त)। 12 लोइयाँ बनाएँ और हर एक को 10 सेमी की पूरी में बेलें, सूखे आटे की जगह कुछ बूँद तेल लगाकर, ताकि तेल में झाग न बने।
5. एक छोटी, गहरी कड़ाही में तेल अच्छी तरह गरम करें। पूरियाँ एक-एक करके डालें और झारे से हल्का दबाएँ: कुछ ही सेकंड में वे गुब्बारे की तरह फूल जाती हैं। पलटें और कुल मिलाकर लगभग 30–40 सेकंड सुनहरी होने तक तलें, और पेपर टॉवल पर निकालें।
6. फूली हुई पूरियाँ तुरंत आलू की भाजी के साथ परोसें।
सुझाव: यह रविवार के नाश्ते और भारतीय मंदिरों के भंडारों की पसंदीदा डिश है। पूरी तभी फूलती है जब तेल काफ़ी गरम हो और आटा काफ़ी सख़्त: आटे का छोटा टुकड़ा तुरंत सतह पर आ जाना चाहिए।
A weboldal alapvető működéséhez nélkülözhetetlen sütik.
Az oldal fejlesztéséhez névtelen adatgyűjtés a Google Analytics segítségével.