1. आटे में नमक मिलाएँ और धीरे-धीरे पानी डालते हुए नरम, चिकना आटा गूँधें। 5 मिनट गूँधें और ढककर 30 मिनट रहने दें।
2. आलुओं को छिलके समेत नरम होने तक उबालें, छीलें, पूरी तरह ठंडा होने दें और बिना गुठलियों के मसलें। बहुत बारीक कटी हरी मिर्च, कद्दूकस किया अदरक, अमचूर, सूखा भुना जीरा, नमक और कटा हरा धनिया डालें और अच्छी तरह मिलाएँ।
3. आटे और भरावन दोनों को 4 गोलों में बाँटें। आटे की एक लोई को 10 सेमी की गोल रोटी में बेलें, बीच में भरावन का गोला रखें, किनारे ऊपर उठाएँ और ऊपर दबाकर पोटली जैसा बंद करें।
4. पोटली को जोड़ वाली तरफ़ नीचे करके पलटें, हथेली से थोड़ा चपटा करें और अच्छी तरह आटा लगी सतह पर सावधानी से 18 सेमी के पराठे में बेलें। अगर भरावन बाहर निकले, तो छेद को एक चुटकी आटे से बंद करें।
5. गरम तवे पर हर तरफ़ 1 मिनट सेकें, फिर दोनों तरफ़ घी लगाएँ और कलछी से दबाते हुए तब तक सेकें जब तक सुनहरे धब्बे न आ जाएँ और कुरकुरा न हो जाए।
6. एकदम गरम, ऊपर मक्खन का एक टुकड़ा रखकर, दही और अचार के साथ परोसें।
सुझाव: यह पंजाब के रविवार के नाश्ते का सितारा है। राज़ है पूरी तरह ठंडा और सूखा आलू: गरम या गीली भरावन आटे को फाड़ देती है। मिर्च और धनिया बहुत बारीक काटें, क्योंकि बड़े टुकड़े पराठे में छेद कर देते हैं।
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