1. आटे में अजवाइन, नमक और घी मिलाएँ और फिर पानी के साथ सख़्त, चिकना आटा गूँधें; ढककर 20 मिनट रखें। भरावन के लिए सत्तू में बहुत बारीक कटा प्याज़, लहसुन और हरी मिर्च, अजवाइन, नींबू का रस, सरसों का तेल, नमक और इतना पानी मिलाएँ कि दबाने पर मिश्रण बँध जाए।
2. आटे की 12 लोइयाँ बनाएँ, हर एक को हथेली में दबाकर कटोरी जैसा गड्ढा बनाएँ, एक चम्मच भरावन भरें और अच्छी तरह बंद करके गोला बनाएँ।
3. लिट्टी को 200 °C पर 30–35 मिनट बेक करें, बीच में पलटते हुए, जब तक बाहर से सख़्त, सुनहरी परत न बन जाए और थपथपाने पर खोखली आवाज़ न आए।
4. इस बीच चोखा के लिए बैंगन, टमाटर और लहसुन की कलियों को सीधी आँच पर या ग्रिल के नीचे काला होने तक भूनें और आलू को छिलके समेत नरम होने तक उबालें। सब छील लें।
5. बैंगन का गूदा, टमाटर, आलू और लहसुन काँटे से मसलें और कटी हरी मिर्च, कच्चा सरसों का तेल और नमक मिलाएँ।
6. गरम लिट्टी को थोड़ा तोड़ें, ऊपर पिघला घी डालें और धुएँदार चोखा के साथ परोसें।
सुझाव: यह बिहार की शान है: पारंपरिक रूप से इसे गोबर के उपलों की आँच पर सेंका जाता है, जो धुएँदार स्वाद देती है। सत्तू भुने चने का प्रोटीन से भरपूर आटा है; न मिले तो भुना बेसन इस्तेमाल कर सकते हैं।
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